Friday, January 18, 2013




हथेली इश्वेर द्वारा बनायीं गयी जन्मकुंडली है।

प्राचीन काल से ही हाथ की लकीरें देखकर मनुष्य के स्वभाव, उसके आने वाले समय, स्वास्थ्य, संपन्नता एवं प्रगति के बारे में जानने की परंपरा रही है। मनुष्य की हथेली में रेखाओ के रूप में प्रकृति ने एक ऐसा मैप  बना दिया है जिसे दिखाकर वह अपने आने वाली दशा तथा भाग्योदय की दिशा को जान सकता है और समय रहते आने वाली आपदाओ से बचाव का उपाय भी कर सकता है।

 आयुर्वेद और हस्तरेखा विज्ञान की निदान प्रक्रिया में बहुत समानता है। आयुर्वेद में नाड़ी परीक्षण से जानते हैं कि शरीर में कफ, वात, पित्त में से कौन सा दोष है, जबकि हस्तरेखा विज्ञान में हथेली का रंग देखकर हम स्वास्थ्य के बारे में जान सकते हैं। जैसे हथेली का रंग सफेद हो तो मनुष्य में कफ की प्रधानता है। उसे दही, मैदा, मिठाई, आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक का सेवन नहीं करना चाहिए। इसी तरह हथेली का रंग पीला है तो पित्त की प्रधानता है। उन्हें चाय, सिगरेट, तंबाकू, मिर्च, मसाले आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। यदि हथेली का रंग मटमैला है तो वह हथेली वायु विकार का संकेत देती है। दोनों पद्धतियों में विभेद है, लेकिन निदान प्रक्रिया समान होने की वजह से काफी समानताएं भी हैं। मैंने दोनों का अध्ययन किया है और जाना है कि वर्तमान एवं भावी रोगों के निदान एवं बचाव के लिए कारगर कदम क्या हो सकते हैं।


कैसी होती है राजनीतिज्ञों की हस्तरेखाएँ?



1. नेताओ का हाथ ज्यादातर वर्गाकार , chamsakaar  या दार्शनिक श्रेणी का पाया जाता है  

हथेली में गुरु शुक्र चन्द्र बुध सूर्य अदि ग्रह विकसित

  होते  हैं साथ ही हथेली के मध्य भाग में गड्ढा नहीं होता है यही बातें उन्हें बड़ी से बड़ी गलती करके पश्चाताप करने से रोकती हैं 

सामान्य व्यक्ति संवेदनशीलता के कारन एक तो राजनीती में जा नहीं पता अगर गया भी  तो सफल नहीं होता है!

2. राजनीतिज्ञों के हाथ में गुरु पर्वत के नीचे जीवनं रेखा अवम शीर्ष रेखा के बीच कुछ फासला होता है जिससे व्यक्तित्व में नैसर्गिक नाटकीय छमता पाई जाती है।

3. ऐसी हथेली में भाग्य रेखा की एक शाखा यदि शुक्र क्षेत्र से निकल रही हो , अंगूठे का प्रथम पर्व लम्बा होताथा शुक्र क्षेत्र उन्नत  हो 

तो इनमे अजगर जैसी आकर्षण शक्ति होती है आम आदमी इनसे कितना भी नाराज हो लेकिन चुनाव के समय इनके सामने पड़ते ही 

समर्पित हो जाता है , इनके आकर्षण का शिकार विपरीत लिंग ज्यादा होते हैं।

4. एक सच्चे राजनीतिज्ञ के हाथ में गुरु सूर्य चन्द्र क्षेत्र समुन्नत होते हैं , जीवनरेखा शुरुआत में कुछ ऊंचाई से शुरू होती है तथा शुक्र को 

ज्यादा  गोलाई से घेरती है  अंगूठे का प्रथम पर्व लम्बा होता है ऐसे लोग जन्मजात नेता देशभक्त सहनशील कार्यकुशल अवं न्याय  की 

लड़ाई लड़ने में पीछे नहीं हट्टे हैं। लेकिन अगर ऐसी हथेली में शीर्ष रेखा बहुत नीचे ढल 

रही हो ये किंगमेकर की भूमिका में रहते है और 

चालाक   लोग इनका फायदा उठाया  करते हैं।



5.जब किसी उच्च पदस्थ नेता के हाथ में सूर्य रेखा अकस्मात् फीकी पड़ने लगे तो आने 

वाले समय में उसकी प्रतिष्ठा को धक्का पहुचता है और अपमान  जनक स्थितियों का 

सामना करना पड़ता है .इसी समय अगर भाग्य रेखा को शनि क्षेत्र पर कोई रेखा काटे  

तो  पद से हाथ धोना पड़ता है।

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Thanks

Dr. L K Tripathi